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अनिरुद्ध-

  • (१) भगवान् श्रीकृष्णके पौत्र एवं प्रद्युम्नके पुत्र (आदि० १८५।१०)।
  • अनिरुद्धका बाणासुरद्वारा हरण। उषाके साथ पहुँचकर उसके साथ आनन्दपूर्वक रहना। बाणासुर- का अनिरुद्धको कैद करके कह देना। नारदजीके मुखसे अनिरुद्धका बाणासुरके यहाँ बंदी हो कष्टमें पड़ा हुआ सुनकर श्रीकृष्णका बाणासुरपर आक्रमण; अनिरुद्धका उद्धार तथा उषाके साथ द्वारका-आगमन आदि (सभा० २८ अध्याय १० पाठ श्रीकृष्णचरित्रके अन्तर्गत)।
  • अनिरुद्ध बाणासुरकी शिक्षा लेते समय ये युधिष्ठिरकी सभामें साम्ब आदिके साथ विराजमान होते थे (सभा० १५।२३-२६)।
  • अनिरुद्ध- की विष्णुरूपता तथा इनके द्वारा ब्रह्माजीकी उत्पत्ति (भीष्म० ६५ । ७१; शान्ति० २४०। ३०-३१)।
  • अनिरुद्ध (विष्णु) के नाभि-कमलसे ब्रह्माजीका प्रादुर्भाव (शान्ति० २४१। १५-१७)।
  • (२) वृष्णिवंशी क्षत्रिय; जो अनुषूपके प्रिय था। इन दोनोंका द्रौपदीके स्वयंवरमें आगमन हुआ था (आदि० १८५। १५ -२०)।
  • (३) मांसभक्षकका त्याग करनेवाला एक राजा (अनु० ११५। ६०)।
  • (४) भगवान् विष्णुका एक नाम (अनु० १४९। ३२)।

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