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गोदावरी

  • एक नदी, जो वरुणकी सभामें उपस्थित होती है (सभा० ९ । २०) ।
  • यह दक्षिण भारतके नासिक जिलेमें स्थित त्र्यम्बक ज्योतिर्लिङ्गके समीप ब्रह्मगिरिसे निकलती और समुद्रमें मिलती है । इसमें अगाध जल भरा है । बहुतसे तपस्वी इसका सेवन करते हैं तथा यह सबके लिये कल्याणस्वरूपा है (वन० ८८ । २) ।
  • सिद्ध पुरुषोंसे सेवित गोदावरीके तटपर जाकर स्नान करनेसे गोमेध यज्ञका फल मिलता है और वासुकिंका लोक प्राप्त होता है (वन० ८५ । ६३, ८८ । २) ।
  • राजा युधिष्ठिर तीर्थ-यात्रा करते हुए यहाँ भी आये थे । यह समुद्रगामिनी नदी है (वन० ११६ । १३) ।
  • यह अग्निकी उत्पत्तिस्थान है (वन० २२२ । २४) ।
  • दशरथनन्दन भगवान् श्रीरामने (पञ्चवटीमें) गोदावरीके तटपर कुछ काल-तक निवास किया था (वन० २७७ । ४१) ।
  • भारतवर्षकी प्रधान नदियोंमें गोदावरीकी गणना है (भीष्म० ९ । १४) ।
  • जो जनस्थानमें गोदावरीके जलमें स्नान करके उपवास करता है, वह पुरुष राजलक्ष्मीसे सेवित होता है ( अनु० २५। २९ ) |

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