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घृताची

  • एक श्रेष्ठ अप्सरा, जिसके गर्भसे महर्षि प्रमतिद्वारा 'रु' का जन्म हुआ था (आदि० ५१ । ९) ।
  • यह छः प्रधान अप्सराओंमेंसे एक है (आदि० ७४ । ६) ।
  • घृताची उन प्रधान ग्यारह अप्सराओंमेंसे एक है, जो अर्जुनके जन्मोत्सवमें नाचने-गाने आयी थीं (आदि० १२२ । ६५) ।
  • इसके दर्शनसे स्खलित हुए भरद्वाज मुनिके वीर्यसे द्रोणाचार्यका जन्म हुआ था (आदि० १२९ । ३५-३८; वन० १३१ । २९) ।
  • यह कुबेरसभाकी प्रमुख अप्सरा है (सभा० १० । १०) ।
  • इसे देखकर भरद्वाजजीके वीर्यका स्खलन और श्रुतावंती नामक कन्याकी उत्पत्ति (शल्य० २४८ । ६४-६६) ।
  • इसके दर्शनसे व्यासजीके वीर्यका स्खलन और शुकदेवजीका जन्म (शान्ति० २३४ । २-९) ।
  • इसने अष्टावक्रके स्वागत-सत्कारके निमित्त कुबेरभामें नृत्य किया था (अनु० ११ । ४४) ।

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