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अनुविन्द-

  • (१) धृतराष्ट्रके सौ पुत्रोंमेंसे एक (आदि० ६७ । १४)।
  • घोषयात्राके समय दुर्योधनके साथ गन्धर्वोंद्वारा यह भी बंदी बनाया गया था (वन० २४२ । ८)।
  • भीमसेनद्वारा इसका वध ( द्रोण० १२७ । ६६ )।
  • ( २ ) अवनती के राजकुमार, विन्दके भाई। ये दोनों भाई प्रतापी सहदेवद्वारा दक्षिण-विजयके समय पराजित हुए थे ( सभा० ३१ । १३ )।
  • इन दोनों बन्धुओंका एक अक्षौहिणी सेनासहित दुर्योधनकी सहायताके लिये उद्यत होना ( उद्योग० १३ । २४-२५ )।
  • प्रथम दिनके संग्राममें कुन्तिभोजके साथ इनका द्वन्द्व-युद्ध ( भीष्म० ४५ । ७२-७३ )।
  • अर्जुनपुत्र इरावान्द्वारा पराजित होना ( भीष्म० ८३ । १८-२२ )।
  • भीमसेन और अर्जुनके साथ युद्ध ( भीष्म० ११३-११४ अध्यायोंमें )।
  • चेकितानके साथ युद्ध ( द्रोण० १३२ । ४८ )।
  • विराट्के साथ युद्ध ( द्रोण० २५ । २०-२३; १६ । ४-६ )।
  • अर्जुनद्वारा इसका वध ( द्रोण० १३१ । २०-२३ )।
  • ( ३ ) केकेयराजकुमार। कौरव-पक्षका योद्धा। सात्यकिद्वारा वध ( कर्ण० १३ । २१ )।

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