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चित्रसेन ( उग्रसेन )

  • ( १ ) धृतराष्ट्रके ग्यारह महारथी पुत्रोंमेंसे एक ( आदि० ६३ । ११५ ) ।
  • यह द्रौपदीके स्वयंवरमें गया था ( आदि० १८४ । ३ ) ।
  • युधिष्ठिरके साथ जुआ खेलनेको उद्यत हुए लोगोंमें यह भी था ( सभा० ५८ । १३ ) ।
  • इसका चेकितानके साथ युद्ध ( भीष्म० ११० । ८ ) ।
  • भीमसेनके साथ युद्ध ( भीष्म० ११३ । २ ) ।
  • सुशर्माके साथ संग्राम ( भीष्म० ११६ । २७-२९ ) ।
  • भीमके साथ युद्ध ( द्रोण० ९६ । ३१ ) ।
  • सात्यकिके साथ युद्ध ( द्रोण० ११६ । ४ ) ।
  • भीमसेनद्वारा मारा गया ( द्रोण० १३७ । २९-३० ) ।
  • इसका शतानिकके साथ युद्ध और शतानिकद्वारा इसकी पराजयका वर्णन ( द्रोण० १६८ । ११-१२ ) ।
  • ( यह युद्ध चित्रसेनके जीवनकालका है । अध्याय १३७ में इसके वधका वर्णन हुआ है । इससे पहले जो इन्होंने शतानिकके साथ युद्ध
  • किया था, उसका वर्णन पीछे किया गया है । ) ( २ ) पुरुवंशीय राजा अविक्षित्के पौत्र तथा परीक्षित्के तृतीय पुत्र ( आदि० २१४ । ५४ ) ।
  • ( ३ ) एक गन्धर्व जो सत्ताईस सहायक गन्धर्वों और अप्सराओंके साथ युधिष्ठिरकी सभामें उपस्थित हो उनका मनोरंजन करते थे ( सभा० ४ । ३० ) ।
  • ये कुबेरकी सभामें भी उपस्थित होते हैं ( सभा० १० । २६ ) ।
  • ये इन्द्रकी सभामें विराजते हैं ( सभा० ७ । २२ ) ।
  • इनका अर्जुनको संगीत-विद्याकी शिक्षा देना ( वन० ४३ । ८ ) ।
  • इनका उर्वशीके पास जानेके लिये कहना ( वन० ४५ अध्याय ) ।
  • दैतवनमें कौरवोंके साथ इनका युद्ध और कर्णको परास्त करना ( वन० २४५ अध्याय ) ।
  • दुर्योधनको बंदी बनाना ( वन० २४५ । ६ ) ।
  • अर्जुनद्वारा पराजित होकर इनका अपनेको प्रकट कर देना ( वन० २४५ । २७ ) ।
  • इन्द्रसे अर्जुनकी युद्ध-कलाकी प्रशंसा करना ( विराट० ६५ । ४२-४३ ) ।
  • युधिष्ठिरके अश्वमेधयज्ञमें ये भी पधारे थे और यथावसर अपने नृत्य-गीतकी कलाओंद्वारा ब्राह्मणोंका मनोरंजन करते थे ( आश्रम० ८८ । ३९-४० ) ।
  • धृतराष्ट्रके आश्रमपर नारदजीके साथ ये भी पधारे थे ( आश्रम० २९ । ५ ) ।
  • ( ४ ) जरासंधका मन्त्री, डिम्भक ( देखिये—डिम्भक ) ।
  • ( ५ ) अभिसारदेशका राजा और कौरव-पक्षका एक योद्धा । श्रुतकर्माद्वारा इसका वध ( कर्ण० १४ । १४ ) ।
  • ( ६ ) ( श्रुतसेन )—त्रिगर्तराज सुशर्माका भाई ( कर्ण० २७ । ३-११ ) ।
  • ( ७ ) एक पाञ्चाल योद्धा; कर्णद्वारा वध ( कर्ण० ४८ । १५ ) ।
  • ( ८ ) कर्णका पुत्र; कर्णद्वारा वध ( कर्ण० ४८ । १८ ) ।
  • नकुलद्वारा इसका वध ( शल्य० १० । १९-२० ) ।
  • ( ९ ) कर्णका भाई, युधामन्युद्वारा इसका वध ( कर्ण० ८३ । ३९-४० ) ।
  • ( १० ) समुद्रतटवर्ती राज्यके अधिपति एक पाण्डवपक्षीय योद्धा, जो अपने पुत्रके साथ युद्धभूमिमें समुद्रसेनके द्वारा मारा गया ( कर्ण० ६ । १५-१६ ) ।
  • ( ११ ) एक नाग, जो कर्ण और अर्जुनके युद्धमें अर्जुनकी विजयका समर्थक था ( कर्ण० ८७ । ४३ ) ।

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