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जयत्सेन

  • ( १ ) मगधदेशका एक राजा, जो जरासंघका पुत्र था और कालय नामक दैत्योंमें सबसे श्रेष्ठ असुरके अंशसे उत्पन्न हुआ था ( आदि० ६० । ४८ )।
  • यह द्रौपदीके स्वयंवरमें गया था ( आदि० १८५ । ८ )।
  • पाण्डवोंकी ओरसे इसे रणनिमन्त्रण भेजा गया ( उद्योग० ४ । ९९ )।
  • एक अक्षौहिणी सेनाके साथ पाण्डवोंके यहाँ इसका आगमन हुआ था ( उद्योग० ९९ । ८ )।
  • धृतराष्ट्रपुत्र विजयके साथ इसने युद्ध किया ( द्रोण० २५ । ४५ )।
  • ( २ ) पूर्ववंशी सार्वभौमके द्वारा कैकेय-कुमारी सुनन्दाके गर्भसे उत्पन्न एक राजा, इनकी पत्नी विदर्भराजकुमारी सुप्रभा थी और इनके पुत्रका नाम अर्वाचीन था ( आदि० ९५ । १६-१७ )।
  • ( ३ ) विराट्नगर्में रहते समय नकुलका गुप्त नाम ( विराट० ५ । ३५; विराट० २२ । १३ )।
  • ( ४ ) एक कौरवपक्षका राजा, जो मगधनिवासी जरासंघका पुत्र था । यह एक अक्षौहिणी सेना साथ लेकर दुर्योधनकी सहायताके लिये आया था ( भीष्म० ९६ । १६ )।
  • यह अभिमन्युद्वारा मारा गया ( कर्ण० ५ । ३० )।
  • (‘जयत्सेन’ नामक दो राजा या राजकुमार हैं, दोनों ही मगध के हैं और दोनों- दीर्घ पिताका नाम जरासंघ है; परंतु सुप्रसिद्ध राजा जरासंघका पुत्र सहदेव ही पितृके बाद मगधका राजा हुआ था और वह अपने भाई जयत्सेनके साथ पाण्डव-पक्षमें ही सम्मिलित हुआ था; अतः यह दूसरा जयत्सेन मगधवासी किसी अन्य जरासंघका पुत्र है, यही मानना चाहिये।)
  • (५) धृतराष्ट्रका एक पुत्र, शतानिकद्वारा इसकी पराजय ( भीष्म० ७९ । ४४-४५ ) ।
  • भीमसेनद्वारा इसका वध ( शल्य० १४ । १२ ) ।

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