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दम्भोद्भव

  • एक सार्वभौम सम्राट् ( आदि० ६ । २३४ ) ।
  • ये महर्षि और महापराक्रमी थे । इनका नर-नारायणके साथ युद्ध और उनसे पराजित होने तथा उनके चरणोंमें प्रणाम करके इनका पुनः अपनी राजधानीमें लौट आना ( उद्योग० १६ । ५-३१ ) ।
  • (१) बाह्लीक देशके एक राजा, जो सूर्यन नामक महान् असुरके अंशसे उत्पन्न हुए थे ( आदि० ६७ । ५८ ) ।
  • इन्होंने जन्म लेते ही अपने भारसे इस पृथ्वीको विदीर्ण कर दिया था ( सभा० ३४ । ८ ) ।
  • (२) एक प्राचीन देश और वहाँके निवासी । ये लोग राजा युधिष्ठिरके समय अर्जुनने जीता था ( सभा० २७ । २३ ) ।
  • दरद देशके लोग राजा युधिष्ठिरके लिये भेंट ले गये थे
  • ( सभा० ५२ । १३ ) ।
  • वनवासके समय सुबाहुकी राजधानीमें जाते समय पाण्डवलोग दरद देशमें होकर गये थे ( वन० १७७ । १२ ) ।
  • पाण्डवोंकी ओरसे जिन्हें रणनिमन्त्रण भेजना आवश्यक समझा गया था, उनमें दरदराजका भी नाम है ( उद्योग० ४ । १५ ) ।
  • यह पूर्वोत्तर दिशामें स्थित देश है ( भीष्म० ९ । ६७ ) ।
  • दरददेशीय योद्धा दुर्योधनकी सेनामें सम्मिलित थे ( भीष्म० ७१ । १६ ) ।
  • भगवान् श्रीकृष्णने कभी इस देशको जीता था ( द्रोण० ७० । ११ ) ।
  • दरद देशीय योद्धाओंका सात्यकपर आक्रमण और सात्यकिद्वारा इनका संहार ( द्रोण० १२१ । ४२-४३ ) ।
  • (३) एक जाति दरदलोग पहले क्षत्रिय थे, परंतु ब्राह्मणोंसे ईर्ष्या करनेके कारण शूद्र हो गये ( अनु० ३५ । १७-१८ ) ।
  • धृतराष्ट्रके वंशमें उत्पन्न एक नाग, जो जनमेजयके सर्पसत्रमें जलकर भस्म हो गया था ( आदि० ५१ । १६ ) ।

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