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दशरथ

  • इक्ष्वाकुवंशीय महाराज अजके पुत्र, जो सदा स्वाध्यायमें तत्पर रहनेवाले और पवित्र थे । इनकी माताका नाम इलविला था ( वन० २७४ । ६ ) ।
  • इनके चार पुत्र थे—श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न ( वन० २७४ । ७ ) ।
  • इनके तीन पत्नियाँ थीं—श्रीराममाता कौसल्या, भरतजननी कैकेयी तथा लक्ष्मण और शत्रुघ्नकी माता सुमित्रा ( वन० २७४ । ८ ) ।
  • इनका श्रीरामके राज्याभिषेकके निमित्त सामग्री जुटानेके निमित्त पुरोहितको आदेश ( वन० २७७ । १५ ) ।
  • कैकेयीका इन्हें वचनबद्ध करके इनसे श्रीरामके वनवास और भरतके राज्याभिषेकका वर माँगना और इनका दुःखी होकर मौन हो जाना ( वन० २७७ । २१-२७ ) ।
  • श्रीरामके वनमें चले जानेपर इनका शरीरत्याग करना ( वन० २७७ । ३० ) ।
  • रावणपर विजय पानेके बाद श्रीरामके पास इनका आना और राज्यके लिये आदेश देना ( वन० २९१ । ३६ ) ।
  • दशरथके घरमें श्रीरामरूपसे अवतीर्ण हुए श्रीविष्णुने दशग्रीव रावणका वध किया था ( वन० २९५ । २० ) ।

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