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दिलीप

  • (१) सगरके प्रपौत्र, अंशुमान्के पुत्र और भगीरथके पिता, इनका राज्याभिषेक तथा इनका अपने पुत्रको राज्य देकर वनगमन ( वन० १०७ । ६३-६९ ) ।
  • श्रीकृष्णद्वारा युधिष्ठिरके समक्ष इनके चरित्रका वर्णन ( द्रोण० ६१ अध्याय; शान्ति० २९ । ७१-८० ) ।
  • ये अनेक बार गोदान करके उनके प्रभावसे स्वर्गको प्राप्त हुए थे ( अनु० ७६ । २९ ) ।
  • अगस्त्य-जीके कमलोंकी चोरी होनेपर इनका शपथ खाना ( अनु० ९४ । २३ ) ।
  • ये मांस-भक्षणका निषेध करनेके कारण सम्पूर्ण भूतोंके आत्मस्वरूप हो गये और इन्हें परावरतत्त्वका ज्ञान हो गया था ( अनु० ११५ । ५८-५९ ) ।
  • यम-सभामें रहकर सूर्यपुत्र यमकी उपासना करते हैं ( सभा० ८ । १४ ) ।
  • (२) एक कश्यपवंशी नाग ( उद्योग० १०३ । १५ ) ।

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