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नन्दिवर्धन

  • जो मनुष्य इसका दूध पी लेगा, वह दस हजार वर्षोंतक युवावस्थाके साथ जीवित रहेगा' ( आदि० १११ । १९-२० ) ।
  • द्यो नामक वसुके द्वारा नन्दिनीका अपहरण ( आदि० १११ । २८ ) ।
  • इसका अपहरण करनेके कारण वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप ( आदि० १११ । ३२ ) ।
  • इसके लिये विश्वामित्रकी वसिष्ठसे याचना ( आदि० १०४ । १६-१७ ) ।
  • विश्वामित्रद्वारा इसका अपहरण ( आदि० १०४ । २२ ) ।
  • अपने विभिन्न अस्त्रोंसे हूण, यवन, किरात आदि म्लेच्छोंकी सृष्टि करके इसकी विश्वामित्रकी सेनाको पराजित करना ( आदि० १०५ । २१-२२, ४३ ) ।
  • इसके द्वारा विश्वामित्रकी सेनाके नष्ट होनेका वर्णन ( शल्य० ४० । २१-२२ ) ।
  • (२) एक तीर्थ, जहाँ देवसेवित एक कूप है; वहाँ स्नान करनेसे नरमेध-यज्ञका पूर्ण फल प्राप्त होता है ( वन० ८४ । १५५ ) ।
  • सात्यकिके शङ्खका नाम ( शल्य० ६१ । ७१ के बाद दाक्षिणात्य पाठ ) ।

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