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नर्मदा

  • दक्षिण भारत ( मध्यप्रदेश ) की एक प्रसिद्ध नदी, जो अमरकण्टकसे निकलकर भड़ौंचके पास खंभातकी खाड़ीमें गिरती है । यह वरुणकी सभामें रहकर उनकी उपासना करती है ( सभा० ९ । १८ ) ।
  • भाइयोंसहित युधिष्ठिरने नर्मदाकी यात्रा की थी ( वन० १२१ । १६ ) ।
  • लोमशने इन्हें बताया—वैदूर्य पर्वतका दर्शन करके नर्मदामें उतरनेसे मनुष्य देवताओंके समान पवित्र लोकोंको प्राप्त कर लेता है । नर्मदाटतवर्ती वैदूर्य पर्वतपर सदा त्रेता और द्वापरकी संधिके समान समय रहता है । इसके निकट जाकर मनुष्य सब पापोंसे मुक्त हो जाता है । यह ययातिके यज्ञका स्थान है । यहीं इन्द्रने अश्विनी-कुमारोंके साथ बैठकर सोमपान किया था ( वन० १२१ । १९-२१ ) ।
  • यह अग्निकी उत्पत्तिका स्थान है ( वन० २२२ । २४ ) ।
  • यह माहिष्मतीके राजा दुर्योधनकी पत्नी बनी थी । राजाने इसके गर्भसे एक परम सुन्दरी कन्या उत्पन्न की थी, जो नाम और रूप दोनोंसे सुदर्शना थी ( अनु० २१ । १८-१९ ) ।
  • इसके जलमें स्नान करके एक पक्षतक निराहार रहनेवाला मनुष्य जन्मान्तरमें राजकुमार होता है ( अनु० २५ । ५० ) ।
  • नर्मदानें किसी समय मान्धाताके पुत्र पुरुकुत्सको अपना पति बनाया था ( आश्रम० २० । १२-१३ ) ।

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