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भद्रा

  • (१) ये कक्ष्यावान्की पुत्री और पूरुवंशी राजा व्युषिताश्वकी पत्नी थीं । इनके रूपकी समानता करनेवाली उस समय दूसरी कोई स्त्री न थी ( आदि० १२० । १७ ) ।
  • पतिके परलोकवासी हो जानेपर इनका विलाप करना ( आदि० १२० । २१-२५ ) ।
  • इनके आकाशवाणीद्वारा पतिकी आश्वासन और पतिके शवद्वारा इनके गर्भसे सात पुत्रोंकी उत्पत्ति ( आदि० १२० । ३३-३६ ) ।
  • (२) ये कुबेरकी अनुरक्ता पत्नी थीं । कुन्तीने द्रौपदीसे दृष्टान्त-रूपमें इनका वर्णन किया था ( आदि० १९८ । ६ ) ।
  • (३) भगवान् श्रीकृष्णकी बहिन सुभद्राका एक नाम ( देखिये सुभद्रा ) ।
  • (४) विशालानरेशकी कन्या, जो करुषराजकी प्राप्तिके लिये तपस्या करनेवाली थीं; परंतु शिशुपालने करुषराजका वेष धारण करके मायासे इसका अपहरण कर लिया था ( सभा० ४५ । ११ ) ।
  • (५) सोमकी पुत्री, जो अपने पतिके रूपमें उत्तथ्यको प्राप्त करनेके लिये तीव्र तपस्या की । तब सोमके पिता महर्षि अत्रि ने उत्तथ्यको बुलाकर इन्हें उनके हाथमें दे दिया और उत्तथ्यने विधिपूर्वक इनका पाणिग्रहण किया ( अनु० १५४ । १०-१२ ) ।
  • वरुणद्वारा इनका अपहरण ( अनु० १५४ । १३ ) ।
  • जब कुपित होकर उत्तथ्यने सारा जल पी लिया, तब वरुण उनकी शरणमें आये और उनकी भार्या भद्राको उन्हें लौटा दिया ( अनु० १५४ । २६ ) ।

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