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मद्रकलिङ्ग

  • मद्रकलिङ्ग—एक भारतीय जनपद ( भीष्म० ९ । ४२ ) ।
  • मधु—( १ ) एक महान् दैत्य, जो कैटभका भाई था । यह भगवान् विष्णुके कानोंकी मैलसे उत्पन्न हुआ था और उन्होंने ही मिट्टीसे उसकी आकृति बनायी थी । इसकी त्वचा मृदु होनेसे इसका नाम मधु रखा गया ( सभा० ३८ । २९ के बाद दा० पाठ, पृष्ठ ७८३-७८४ ) ।
  • कैटभसहित यह असुर ब्रह्माजीको मारनेके लिये उद्यत हुआ था ( वन० १२१ । ३९ ) ।
  • इसके द्वारा विष्णुको अपनी मृत्युका वर देना ( वन० २०२ । ३० ) ।
  • इसकी भगवान् विष्णुसे वर-याचना ( वन० २०२ । ३१-३२ ) ।
  • यह तमोगुणसे प्रकट हुआ था । यह असुरोंका पूर्वज था । इसका स्वभाव बड़ा ही उग्र था । यह सदा ही भयानक कर्म करनेवाला था । इस असुरको भगवान् विष्णुने ब्रह्माजीके हितके लिये मारा था । इसीलिये वे मधुसूदन कहलाते हैं ( शान्ति० २०० । १४-१६ ) ।
  • इसकी उत्पत्तिका वर्णन ( शान्ति० ३४० । २५-२६ ) ।
  • इसका भगवान् हयग्रीव ( विष्णु ) द्वारा वध ( सभा० ३८ । २९ के बाद दाक्षिणात्य पाठ, पृष्ठ ७८४; वन० २०२ । ३५; शान्ति० ३४० । २७-२९ ) ।
  • (२) यमकी सभामें रहनेवाला एक राजा ( सभा० ८ । १६ ) ।

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