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मर्यादा

  • ( १ ) एक विदर्भराजकुमारी, जो पूरुवंशी राजा अवाचीनकी पत्नी थी । इसके पुत्रका नाम ‘अरिह’ था । यह देवातिथिकी पत्नी मर्यादासे भिन्न थी ( आदि० ९५ । १८ ) ।
  • ( २ ) विदेहराजकी पुत्री, जो पूरुवंशी महाराज देवातिथिकी पत्नी और अरिहकी माता थी ( आदि० ९५ । २३ ) ।
  • एक भारतीय जनपद ( भीष्म० ९ । ४५ ) ।
  • पूर्व भारतका एक जनपद, जिसे भीमसेनने जीता था ( सभा० ३० । ८ ) ।
  • इस जनपदके योद्धा कौरवपक्षमें थे और दुर्योधनको आगे करके युद्धक्षेत्रमें चल रहे थे ( द्रोण० ७ । १५-१६ ) ।
  • दक्षिण भारतका एक पर्वत, जो कुबेरकी सभामें रहकर उनकी उपासना करता है ( सभा० १० । ३२ ) ।
  • पाण्ड्य और चोल देशोंके राजा मलय तथा दुर्दुर पर्वतोंसे सुगन्धसे पके ऐसे हुए चन्दनरस एवं चन्दन लेकर युधिष्ठिरको भेंट देनेके लिये आये थे ( सभा० ५२ । ३३-३४ ) ।
  • सीताकी खोजके लिये दक्षिण जानेवाले वानरोंने मलयपर्वतको पार किया था ( वन० २८२ । ४४ ) ।
  • भारतवर्षके सात कुलपर्वतोंमें मलयकी भी गणना है ( भीष्म० ९ । ११ ) ।
  • यहाँ मृत्युने तपस्या की थी ( द्रोण० ५४ । २६ ) ।
  • त्रिपुरदाहके समय शङ्करजीने मलयको अपने रथका यूप बनाया ( द्रोण० २०२ । ७३ ) ।
  • शुकदेवजीकी ऊर्ध्वगतिके समय उनके आकाशमार्गमें एक मलय नामक पर्वत आया था, जहाँ उर्वशी और विप्रचित्ति—ये दो अप्सराएँ नित्य निवास करती हैं । कैलाससे ऊपर उड़नेपर उन्हें यह पर्वत मिला था; अतः इसे दक्षिणके मलयपर्वतसे भिन्न समझना चाहिये ( शान्ति० ३३२ । २१ ) ।

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