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मुसल

  • विश्वामित्रके ब्रह्मवादी पुत्रोंमेंसे एक ( अनु० ४ । ५३ ) ।
  • (१) तक्षक-कुलमें उत्पन्न एक नाग, जो जनमेजयके सर्पसत्रमें जल मरा ( आदि० ५० । १९ ) ।
  • ( २ ) एक दानव; जो सूअरका रूप धारण करके अर्जुनको मारनेकी घातमें लगा था ( वन० ३८ । ७ ) ।
  • अर्जुनद्वारा इसका वध ( वन० ३९ । १६ ) ।
  • ( सत्ताईस नक्षत्रोंमेंसे एक ) जो मूल नक्षत्रमें एकाग्रचित्त हो ब्राह्मणोंको मूल-फलका दान करता है, उसके पितर तृप्त होते हैं और वह अभीष्ट गति पाता है ( अनु० ६४ । २४ ) ।
  • मूल नक्षत्रमें श्राद्ध करनेसे आरोग्यकी प्राप्ति होती है ( अनु० ८९ । १० ) ।
  • मार्गशीर्षमासके शुक्ल पक्षकी प्रतिपदाको मूल नक्षत्रसे चन्द्रमाका योग होनेपर चन्द्रसम्बन्धी व्रत आरम्भ करे । देवतासहित मूल नक्षत्रके द्वारा उनके दोनों चरणोंकी भावना करे ( अनु० ११० । ३ ) ।

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