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रम्भा

  • एक अप्सरा, जो प्राधाके गर्भसे कश्यपद्वारा उत्पन्न हुई थी ( आदि० ६५ । ५० ) ।
  • यह अर्जुनके जन्मोत्सवमें नृत्य करने आयी था ( आदि० १२२ । ६२ ) ।
  • कुबेरकी सभामें रहकर उनकी उपासना करती है ( सभा० १० । १० ) ।
  • इसने इन्द्रसभामें अर्जुनके स्वागतार्थ नृत्य किया था ( वन० ४३ । २९ ) ।
  • यह नलकूबरकी पत्नी होकर रहती थी, इसीका तिरस्कार करनेके कारण रावणको नलकूबरने यह शाप दे दिया था कि 'तू न चाहनेवाली किसी स्त्रीके साथ बलात्कार नहीं कर सकता; यदि करेगा तो तुझे प्राणोंसे हाथ धोना पड़ेगा' ( वन० २६० । ६० ) ।
  • विश्वामित्रके शापसे इसकी पत्थर होना पड़ा था ( अनु० ३१ । ११ ) ।
  • कुबेरकी सभामें अष्टावक्रने स्वागतमें इसने नृत्य किया था ( अनु० १४ । ४४ ) ।

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