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रसातल

  • पृथ्वीके सातवें तलका एक लोक । प्रत्येक समय प्रवर्तक नामक अग्नि पृथ्वीका भेदन करके रसातलतक पहुँच जाती है ( वन० १८८ । १९-२० ) ।
  • दैत्योंद्वारा उत्पन्न का हुई कृत्या दुर्योधनको ला व र रसातलमें प्रविष्ट हुई थी ( वन० २३१ । २९ ) ।
  • रसातल पृथ्वीका सातवाँ तल है । यहाँ अमृतसे उत्पन्न हुई गोमान्, सुरभि निवास करती हैं ( उद्योग० १०२ । ११ ) ।
  • रसातल-निवासियोंने पूर्वकालमें एक गाथा गायी थी जो इस प्रकार है—नागलोक, स्वर्गलोक तथा वहाँके विमानमें निवास करना भी वैसा सुखदायक नहीं होता जैसा कि रसातलमें रहनेसे सुख प्राप्त होता है ( उद्योग० १०१ । १४-१५ ) ।
  • भगवान् वराहने रसातलमें जाकर देवद्रोही असुरोंको अपने खुरोंसे विदीर्ण कर दिया ( शान्ति० २०६ । २६ ) ।
  • हयग्रीव रूपधारी भगवान् श्रीहरिने रसातलमें प्रवेश करके मधु और कैटभके अधिकारमें हुए वेदोंका उद्धार किया ( शान्ति० ३४७ । ५४-५८ ) ।
  • राजा बतु केवल एक बार विश्वामित्रके कहनेके दोषसे रसातलको प्राप्त हुए ( अनु० ६ । ३४; आश्व० ९१ । २३ ) ।
  • भगवान् मान्धाता, अनन्तका सनातन धाम है । बलदेवका प्रभासक्षेत्रमें अपने मानव-शरीरका परित्याग करके रसातलमें प्रवेश हुए थे ( स्त्रो० ५ । २३ ) ।

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