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रेणुका

  • ( १ ) मुनिवर जमदग्नि की पत्नी एवं परशुरामजीकी माता ( वन० ९९ । ४२ ) ।
  • इनके गर्भसे रुमण्वात्, सुषेण, वसु, विश्वावसु और परशुरामका जन्म ( वन० ११६ । ४ ) ।
  • इनपर कुपित हुए पिताकी आज्ञासे परशुराम- द्वारा इनका वध ( वन० ११६ । १४ ) ।
  • जमदग्निने वरसे इनका पुनर्जीवन ( वन० ११६ । १७-१८ ) ।
  • महर्षि जमदग्निने चलाये हुए बाणोंको इनका उठा- उठाकर लाना ( अनु० ९५ । ७—१५ ) ।
  • एक बार लौटनेमें विलम्ब होनेपर इनका पतिको इसका कारण बताना ( अनु० ९५ । १६-१७ ) ।
  • रेणुका—
  • ( २ ) एक सिद्धसेवित तीर्थ, जिसमें स्नान करके ब्राह्मण चन्द्रमाके समान निर्मल होता है ( वन० ८२ । ८२ ) ।
  • ( ३ ) कुरुक्षेत्रकी सीमाके अन्तर्गत एक तीर्थ, जहाँ स्नान आदि करनेसे तीर्थयात्री सब पापोंसे मुक्त हो अग्निहोत्र यज्ञका फल पाता है ( वन० ८३ । १५९- १६० ) ।

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