← अनुक्रमणिका

वत्स ( वत्सभूमि )

  • (१) एक भारतीय जनपद, जिसे भीमसेनने पूर्व-दिग्विजयके समय जीता था ( सभा० ३० । १० ) ।
  • कर्णने भी इसपर विजय पायी थी ( वन० २५४ । ९-१० ) ।
  • वत्सदेशीय पराक्रमी भूमिपाल पाण्डवोंके सहायक थे और उनकी विजय चाहते थे ( उद्योग० ५३ । १-२ ) ।
  • वत्सभूमि सिद्धों और चारणोंद्वारा सेवित है । वहाँ पुण्यात्माओंके आश्रम हैं, उनमें काशिराजकी कन्या अम्बाने विचरण किया था ( उद्योग० १८४ । १ ) ।
  • अम्बा वत्सदेशकी भूमिमें 'अम्बा' नामकी नदी बनकर प्रवाहित हुई, जो केवल बरसातमें ही जलसे भरी रहती है ( उद्योग० १८४ । ४० ) ।
  • वत्सदेशीय योद्धा धृष्टद्युम्नद्वारा निर्मित क्रौञ्चा-रुण व्यूहके वामपक्षमें खड़े हुए थे ( भीष्म० ५० । ५३ ) ।
  • कर्णद्वारा इस देशके जीते जानेकी चर्चा ( कर्ण० ३० । १२ ) ।
  • (२) काशिराज प्रतर्दनका पुत्र, जिसे घोषालमें वत्सों ( बछड़ों ) ने पाला था । इसलिये इसका नाम वत्स हुआ ( शान्ति० ४१ । ७९ ) ।
  • (३) शर्यातिवंशी नरेश । दैत्य और तालजंघके पिता ( अनु० ३० । ७ ) ।

  • The Mahābhārata project aims to provide authentic texts from ancient Mahābhārata Sanskrit texts and commentaries to preserve our heritage for our future generation. We welcome views from all to make the content authentic and error free. Contribution both financial and resources are welcome. For feedback or information please write to us at : secretary@sanatanasampatti.in