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वार्ष्णेय

  • एक प्राचीन ऋषि, जिनसे सत्यव्रत निषाद- वसुने कभी जीवात्मा-परमात्मतत्त्वका विवेचन सुना था ( शान्ति० २६१ । ५९ ) ।
  • (१) एक प्राचीन देश, जहाँके राजा युधिष्ठिरके राजसूय यज्ञमें भेंट लेकर आये थे ( सभा० ५१ । २४ ) ।
  • (२) राजा नलका सारथि ( वन० ६० । १० ) ।
  • इनके राजा नलके कुमार-कुमारी इन्द्रसेन और इन्द्र- सेनाको कुण्डिनपुर छोड़कर अयोध्या जाना ( वन० ६० । २१—२४ ) ।
  • ऋतुपर्णका सारथि होना ( वन० ६० । २७ ) ।
  • ऋतुपर्णने इसे बाहुककी सेवामें नियुक्त करना ( वन० ६० । ७ ) ।
  • ऋतुपर्णके साथ विदर्भ
  • जाते समय मार्गमें इसके भीतर बालुकाके नल होनेका संदेह होना ( वन० ७१ । २६-३४ ) ।
  • ( ३ ) भगवान् श्रीकृष्णका एक नाम ( भीष्म० २७ । १ ) ।

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