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शङ्ख

  • (१) कश्यपद्वारा कद्रूके गर्भसे उत्पन्न एक नाग ( आदि० ३५ । ८ ) ।
  • नारदजीने मातलिको इनका परिचय दिया था ( उद्योग० १०३ । १२ ) ।
  • बलरामजीके परमधाम पधारते समय उनके स्वागतार्थ ये भी आये थे ( मौसल० ४ । १७ ) ।
  • (२) राजा विराटके पुत्र; जो अपने पिता और भाईके साथ द्रौपदी-स्वयंवरमें पधारे थे ( उत्तर एवं उत्तराके भ्राता ) ( आदि० १८५ । ८ ) ।
  • त्रैगर्तोंद्वारा गोहरणके समय उनके साथ युद्धके लिये इनका जाना ( विराट० ३१ । १६ ) ।
  • प्रथम दिनके संग्राममें भूरिश्रवाके साथ इनका द्वन्द्व-युद्ध ( भीष्म० ४५ । ३५-३७ ) ।
  • शल्यके साथ युद्ध ( भीष्म० ४६ । २६-४० ) ।
  • द्रोणाचार्यके साथ युद्ध और उनके द्वारा इनका वध ( भीष्म० ८२ । ३१-३३ ) ।
  • इनके मारे जानेकी चर्चा ( कर्ण० ६ । १७ ) ।
  • मृत्युके पश्चात् ये विश्वेदेवोंमें मिल गये थे ( स्वर्गा० ५ । १७-१८ ) ।
  • (२) एक ऋषि; जो महर्षि लिखितके भ्राता थे । ये इन्द्रकी सभामें रहकर देवराज इन्द्रकी उपासना करते हैं ( सभा० ७ । ११ ) ।
  • बिना पूछे अपने आश्रमका फल तोड़नेके कारण इनका अपने भाई लिखितको दण्ड ग्रहण करनेके लिये राजा सुद्युम्नके पास भेजना ( शान्ति० २३ । २०-२९ ) ।
  • अपने भाई लिखितपर इनकी कृपा ( शान्ति० २३ । ३८-४२ ) ।
  • इनके द्वारा लिखितकी शंकाका समाधान ( शान्ति० २३ । ४३-४४ ) ।
  • ये तिलका दान करके दिव्यलोकको प्राप्त हुए हैं ( अनु० ६६ । १२ ) ।
  • (३) एक देव; जो वरुणकी सभामें रहकर उनकी उपासना करता है ( सभा० ९ । १३ ) ।
  • (४) श्रेष्ठ निधियोंमें प्रमुख शङ्ख, जो कुबेर-सभामें रहकर धनाध्यक्ष कुबेरकी उपासना करता है ( सभा० १० । ३९ ) ।
  • पाञ्चालराज ब्रह्मदत्तने उत्तम ब्राह्मणोंको शङ्ख निधिका दान किया था, इससे उन्हें उत्तम गति प्राप्त हुई थी ( शान्ति० २३४ । २९ । अनु० १३७ । १७ ) ।
  • (५) पाँच भाई केकयराजकुमारोंमेंसे एक, ये पाण्डवपक्षके उदार रथी थे ( उद्योग० १७१ । १५ ) ।

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