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सत्य

  • ( १ ) एक ऋषि, जो युधिष्ठिरकी सभामें विराजते थे ( सभा० ४ । १० ) ।
  • ( २ ) एक अग्नि, जो निरस्यवन नामक अग्निके पुत्र हैं । वे निष्पाप तथा कालधर्मके प्रवर्तक हैं । वेदनासे पीड़ित प्राणियोंको कष्टसे निष्कृति ( छुटकारा ) दिलानेके कारण इनका दूसरा नाम निष्कृति है । ये ही प्राणिपीडासे सेवित गृह और उद्यान आदिमें शोभाकी वृद्धि करते हैं । इनके पुत्रका नाम स्वन है ( वन० २१५ । १३-१५ ) ।
  • ( ३ ) कलिङ्ग-देशका एक योद्धा जो कलिङ्गराज श्रुतायुका चक्ररक्षक था । भीमसेनद्वारा इसका वध ( भीष्म० ५४ । ७६ ) ।
  • ( ४ ) विदर्भनिवासी एक धर्मात्मा तपस्वी ब्राह्मण ( शान्ति० २७२ । ६ ) ।
  • इनके अहिंसापूर्ण यशका वर्णन ( शान्ति० २७२ । १०—२० ) ।
  • ( ५ ) भगवान् श्रीकृष्णका एक नाम और इसकी निरुक्ति ( शान्ति० २७३ । ७५—७६ ) ।
  • ( ६ ) वीतहव्यवंशी वितत्यके पुत्र । इनके पुत्रका नाम संत था ( अनु० ३० । ६२ ) ।

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