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महाभारतमें आये हुए इन्द्रके नाम -

  • अदितिनन्दन, आखण्डल, अमरद्येष्ठ, अमराधिप, अमराज, अमरेश, अमरेश्वर, अमरोत्तम, असुरार्दन, असुरसूदन, बलभिद्, बलहन्, बलहंता, बलजित्, बलनाशन, बलनिषूदन, बलवृत्रघ्न, बलवृत्रहन्, बलवृत्रनिषूदन, इन्, भूतभ्वेष, शचीपति, शक्र, शम्बरहन्, शम्बरपाकहनु, शतक्रतु, शतमन्यु, दशशताक्ष, दशराक्ष, दशराक्ष, दैत्यनिवर्हण, दैत्यासुरनिवर्हण, दानवशत्रु, दानघ्न, दानवारि, दानवसूदन, देवश्रेष्ठ, देवदेव, देवाधिप, देवगणेश्वर, देवपति, देवराज, देवराट, देवेश, देवेन्द्र, हरि, हरिशम्भू, हरिहय, हरिमान्, हरिवाहन, ईश्वर, जगदीश्वर, काश्यप, कौशिक, किरीटी, कुशि- कोत्तम, लोकश्रेष्ट, लोकैश्वर, मघवा, मरुत्, मरुत्- पति, मरुत्वान्, मुकुटी, नमुचिहनु, नमुचिहन, पाकशसन, पर्जन्य, पुरन्दर, पुरंभूत, पूषापूज, पुष्करेक्षण, सहस्रदृक्, सहस्राक्ष, सहस्रलोचन, सहस्रनयन, सहस्रनेत्र, सर्वदानवसूदन, सर्वदेवेश, सर्वलोकेश्वर, सुरश्रेष्ठ, सुराधिप, सुरगणेश्वर, सुरपति, सुरपूज्य, सुराट्, सुरराज, सुररिपुसूदन, सुरर्षभ, सुरोत्तम, सुरेश, सुरेश्वर, सुरेन्द्र, त्रैलोक्यपति, त्रैलोक्यराज, त्रिभुवनैश्वर, त्रिदशाधिप, त्रिदशेश्वर, त्रिदशेन्द्र, त्रिदिवेश्वर, त्रिदिवेन्द्र, त्रिदिवेश्वर, त्रिलोकेश्वर, वज्रभृत्, वज्रधर, वज्रहन्, वज्रधारी, वज्रमुख, वज्रहस्त, वज्रपाणि, वज्रायुध, वज्री, वरद, वासव, विबुधश्रेष्ठ, विबुधाधिप, विबुधेश्वर, विबुधभुक, वृषाकपि, वृत्रशत्रु, वृत्रहन्, वृत्रहंता, वृत्रनिषूदन ।

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