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इन्द्रप्रस्थ -

  • पाण्डवोंकी राजधानी ( वर्तमान दिल्ली )। विश्वकर्माद्वारा इसका निर्माण । इसका 'इन्द्रप्रस्थ' नाम होनेका कारण ( आदि० २०६ । १८ के बाद )।
  • व्यास द्वारा इसके भूभागका शोधन ( आदि० २०६ । २९ )।
  • इसका विशद वर्णन ( आदि० २०६ । २९ के बाद द्वा० पा०), ( आदिपर्वके २०७, २१८, २२०, २२१ अध्यायोंमें; सभापर्वके १, २, २४, २९, ७३; वनपर्वके १६, २२, २३३, २३७; विराटपर्वके १८, ५०; उद्योगपर्वके २६, ५५, ९५; भीष्मपर्वके १२३; शांतिपर्वके १२४ तथा अश्वमेधपर्वके १५ अध्यायोंमें भी 'इन्द्रप्रस्थ' का नाम आया है । मौसलपर्व ७ । ७२ में यह कथा आयी है कि अनिरुद्धके पुत्र वज्रको इन्द्रप्रस्थमें यादवोंका राजा बनाया गया था )।

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