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हैहय

  • (१) क्षत्रियोंका एक कुल, जिसका संहार परशुराम- जी ने किया था । कार्तवीर्य अर्जुन हैहयवंशी क्षत्रियोंका अधिपति था, जो परशुरामजीके हाथमें मारा गया ( सभा० ३८ । २९ के बाद दाक्षिणात्य पाठ, पृष्ठ ७९२ ) ।
  • राजा सगरने इस वंशके क्षत्रियोंको जीता था ( वन० १०६ । ८ ) ।
  • (२) राजा परपुरञ्जय हैहयवंशी क्षत्रियोंकी वंश-परम्परा- को बढ़ानेवाला था । इसने अनन्तानमें एक मुनिको बाण मार दिया । फिर कुछ हैहय उन मुनिको मुनिवर कश्यप- नन्दन अरिष्टनेमाके पास
  • जीवित दिखाकर यह बताया कि सद्धर्माचरणके प्रभावमें हमलोगोंपर मृत्युका वश नहीं चलता ( वन० १८४ । ३- २२ ) ।
  • इस वंशमें सुदावर्त नामका एक कुलाङ्गार नरेश हुआ था ( उद्योग० ७४ । १३ ) ।
  • ब्राह्मणोंने अपनी कुशमयी ध्वजा फहराते हुए किसी समय हैहयवंशी क्षत्रियोंपर आक्रमण किया था ( उद्योग० १५६ । १४ ) ।
  • गुणावतीने उत्तर और खाण्डववनसे दक्षिण पर्वतके निकटवर्ती प्रदेशमें लाखों हैहयवंशी क्षत्रिय वीर परशुराम- जीके हाथमें मारे गये थे ( द्रोण० १८४ । ७०-८२ ) ।
  • कृतवीर्यका वंशज अर्जुन हैहयवंशका राजा हुआ था ( शान्ति० २९ । ३५ ) ।
  • राजा सुमित्र हैहयवंशी नरेश था ( शान्ति० १२६ । ८ ) ।
  • (२) शर्यातिके वंशमें उत्पन्न एक राजा, जिसके नामपर हैहयवंशकी परम्परा प्रचलित हुई । हैहय वत्सके पुत्र थे । इनका दूसरा नाम वीतहव्य था । इनकी दस स्त्रियाँ थीं । उनसे सौ वीर पुत्र उत्पन्न हुए थे ( अनु० ३० । ७-८ ) ।
  • ( विशेष देखिये वीतहव्य ) ।

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