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उलूक –

  • ( १ ) शकुनिका पुत्र ( उद्योग० ५० । २३ )।
  • यह द्रौपदीके स्वयंवरमें गया था ( आदि० १८२ । २२ )।
  • दुर्योधनके कहनेसे पाण्डवोंके शिविरमें जाकर भरी सभामें दुर्योधनका संदेश सुनाना ( उद्योग० १६१ अ० में )।
  • दुर्योधनको पाण्डवोंके संदेश सुनाना ( उद्योग० १६३ । ५१-५३ )।
  • प्रथम दिनके युद्धमें चेदिराजके साथ इसका द्वन्द्वयुद्ध ( भीष्म० ४५ । ७८-८० )।
  • सहदेवका इसपर आक्रमण ( भीष्म० ७२ । ५ )।
  • अर्जुनद्वारा इसकी पराजय ( द्रोण० १०१ । ४० )।
  • द्रोणाचार्यके मारे जानेपर युद्धस्थलसे भागना ( द्रोण० १९३ । १४ )।
  • इसके द्वारा युयुत्सुकी पराजय ( कर्ण० २५ । १०-११ )।
  • सहदेवद्वारा इसकी पराजय ( कर्ण० ६१ । ४३-४४ )।
  • नकुलके साथ इसका युद्ध ( शल्य० २० । १८-१९ )।
  • सहदेवके द्वारा इसका वध ( शल्य० २२ । २८-२९ )।
  • महाभारतमें आये हुए इसके नामान्तर-शाकुनि, कैतव, शैवलसुत और कैतव्य । ( २ ) एक यक्ष ( या नाग ), जिसके साथ गरुडने युद्ध किया था ( आदि० २२१ । १८-१९ )।
  • ( ३ ) उत्तरभारतका एक जनपद, जिसके राजा बृहन्तको अर्जुनने परास्त किया था ( सभा० २७ । ५ )।
  • ( ४ ) एक प्राचीन ऋषि, जो विश्वामित्रके पुत्र हैं ( अनु० ४ । ५१ )।
  • ये शरशय्यापर पड़े हुए भीष्मके पास आये थे ( शान्ति० ४७ । १९ )।
  • एक भारतीय जनपद ( भीष्म० ९ । ५४ )।

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