← अनुक्रमणिका

कर्कौटक

  • (१) कश्यप और कद्रूकी संतानोंमें प्रमुख एक नाग (आदि० ३५ । ५) ।
  • ये अर्जुनके जन्मोत्सवमें गये थे (आदि० १२२ । ७) ।
  • वरुणकी सभामें विराजमान होते हैं (सभा० ९ । ९) ।
  • दावानलसे दग्ध होनेके भयसे इनका राजा नलको पुकारना, नलके आनेपर उनसे नारदजीके शापसे अपने स्थावर-तुल्य होनेका हाल कहना, उनका मित्र होना, राजा नलको डँसकर उनका रूप विकृत करना, उन्हें आश्वासन देना तथा पुनः पूर्वरूपमें परिणत होनेके लिये ओढ़नेके निमित्त दो वस्त्र प्रदान करना (वन० ६६ । २-२५) ।
  • ये शिवजीके रथके घोड़ोंके केसर बाँधनेकी रस्सी बनाये गये थे (कर्ण० ४ । २९) ।
  • बलरामजीके स्वधामगमनके समय स्वागतके लिये ये भी गये थे (मौसल० ४ । १५) ।
  • (२) कर्कौटक देश और वहाँके निवासी (कर्ण० ४४ । ४३) ।

  • The Mahābhārata project aims to provide authentic texts from ancient Mahābhārata Sanskrit texts and commentaries to preserve our heritage for our future generation. We welcome views from all to make the content authentic and error free. Contribution both financial and resources are welcome. For feedback or information please write to us at : secretary@sanatanasampatti.in