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काम्बोज

  • (१) पश्चिमोत्तर भारतखण्डका एक जनपद और वहाँके निवासी, जिन्हें अर्जुनने जीता था (सभा० २७ । २३) ।
  • युधिष्ठिरके रथमें काम्बोजदेशमें उत्पन्न (काबुली) घोड़े जोते गये थे (सभा० ५३ । ५) ।
  • काम्बोजदेशीय म्लेच्छगण कलियुगमें राजा होंगे—यह भविष्यवाणी (वन० १८८ । ३६) ।
  • काम्बोज योद्धा दुर्योधनके सैनिक थे (उद्योग० १५० । १०३) ।
  • महाभारतकालमें इस देशका राजा सुदक्षिण था, जो महारथी माना गया था (उद्योग० १६६ । १-३) ।
  • भीष्मनिर्मित गरुडव्यूहके पुच्छ स्थानमें काम्बोज खड़े किये गये थे (भीष्म० ७९ । ७) ।
  • काम्बोजदेशीय अश्व देखनेयोग्य तथा घोड़ोंके समान रचनावाले होते हैं । ऐसे ही घोड़े नकुलके रथमें जुते हुए थे (द्रोण० २३ । ७) ।
  • काम्बोज आदि कई देशोंके अश्व पूँछ, कान और नेत्रोंको स्थिर करके वेगसे दौड़नेवाले होते हैं (द्रोण० २३ । १७) ।
  • (२) काम्बोजराज सुदक्षिण, जो द्रोपदीस्वयंवरमें गया था (आदि० १८४ । १५) ।
  • जिसके छोटे भाईका अर्जुनद्वारा वध हुआ था (कर्ण० ५६ । १११) ।
  • यह काम्बोजदेशीय घोड़ोंपर सवार हो युद्धके लिये चला था (भीष्म० ७९ । १३) ।
  • इसका युद्ध और अर्जुनद्वारा वध (द्रोण० १२ । ६१-६३) ।
  • काम्बोजनरेश सुदक्षिणके वधकी चर्चा (द्रोण० ९४ । ३०) ।
  • सुदक्षिणाका पिता भी काम्बोज या काम्भोजराज कहलाता था । (द्रोण० १२ । ६१) ।
  • (२) काम्बोज देशका एक प्राचीन नरेश, महाराज घुनघुमारसे इन्हें खड्गकी प्राप्ति हुई (शान्ति० १६६ । १००) ।

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