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महाभारतमें आये हुए कृष्णके नाम

  • अच्युत, अधिदेव, अधोक्षज, आदिदेव, अज, अनादि, अनादिमध्यपर्यन्त, अनादिनिधन, अनघ, अनन्त, अन्धकवृष्णिनाथ, असि, आत्मा, अव्यक्त, अव्यय, भोजराजन्यवर्धन, भूतेश्वर, भूतपति भूतात्मा, भूतेश, चक्रधर, चक्रधारी, चक्रनारायण, चक्रपाणि, चक्रगदाभृत्, चक्रगदाधर, चक्रगदाहस्त, चक्रगदापाणि, शङ्खचक्रगदाधर, शङ्खचक्रगदाहस्त, शङ्खचक्रगदापाणि, शङ्खचक्रासिपाणि, शङ्खधनुर्धर, शङ्खधन्वा, शङ्खपाणि, शङ्खी, शौरि, शूलभृत्, शूलो, दशार्ह, दशार्हभर्ता, दशार्हाधिपति, दशार्हकुलवर्धन, दशार्हनन्दन, दशार्हनाथ, दशार्हसिंह, दशार्हवीर, दामोदर, देवदेव, देवदेवेश, देवदेवेश्वर, देवकीमातः, देवकीनन्दन, देवकीपुत्र, देवकीसुत, देवकीनन्दन, गदाग्रज, गदपूर्वज, गरुडध्वज, गोपाल, गोपेन्द्र, गोपीजनप्रिय, गोविन्द, हलधराग्रज, हरि, हृषीकेश, जनार्दन, कंसकेशिनिषूदन, कंसनिषूदन, कौस्तुभभृत्, केशव, केशिहन्, केशिहन्ता, केशिनीषूदन, कृष्णायन, महाबाहु, पीतवासा, रमानाथ, रामानुज, सङ्कर्षणानुज, सर्वयादवनन्दन, सत्य, सत्यवादी, सर्वयादवनन्दन, सर्ववृष्णिहर्ता, सर्ववृष्णिपूज्य, सर्ववृष्णिकेतु, ताक्ष्यध्वज, ताक्ष्यलक्षण, त्रैलोक्यनाथ, त्रियुग, वासुदेव, वसुदेवपुत्र, वसुदेवसुत, वसुदेवात्मज, व्रजनाय, वृष्णिपुङ्गव, वृष्णिभृत्, वृष्णिकुलोद्वह, वृष्णिनन्दन, वृष्णिपति, वृष्णिप्रवर, वृष्णिपुङ्गव, वृष्णिप्रवीर, वृष्णिभृत्, वृष्णिराज, वृष्णिसत्तम, वृष्णिसिंह, वृष्णिजीव, वृष्ण्यन्धकपति, वृष्ण्यन्धकवृत्, यादव, यादवशार्दूल, यादवश्रेष्ठ, यादवाग्र्य, यादवोत्तम, यादवेश्वर, यदुशार्दूल, यदुश्रेष्ठ, यदुद्रुह, यदुकुलोद्वह, यदुकुलनन्दन, यदुकुलश्रेष्ठ, यदुनन्दन, यदुपुङ्गव, यदुपुत्र, यदुपुङ्गव, यदुप्रवीर, यदुसुखावह, यदुवर, यदुवीर, यदुवीरमुख्य, योगेश्वर, योगीश्वर, योगी इत्यादि ।

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